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श्यांग एवं लबेद के विक्रेता गरीब परिवारों का अतिरिक्त चावल खा गए , जवाबदार कौन? हितग्राहियों के राशनकार्ड में फर्जी एंट्री कर हितग्राहियों के साथ छलावा, जिला प्रशासन की आंखों में धूल झोंकने के काम,

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शासन के निर्देशानुसार पूरे प्रदेश के लोगों को निशुल्क चावल वितरण करना था, जिसकी जानकारी राशन दुकानों के बाहर चस्पा करना था परंतु विक्रेताओं के द्वारा यह जानकारी चस्पा नहीं की है। पूरे प्रदेश के लोगों को इतना चावल वितरण किया गया है जितना कोरोना काल में भी वितरण नहीं किया गया है। सरकार द्वारा सन 2022 के माह मई एवं नवंबर में अंत्योदय परिवारों को और प्राथमिक राशन कार्ड वालों को अतिरिक्त चावल वितरण करना था, ऐसा ही एक मामला कोरबा ब्लॉक के ग्राम पंचायत श्यांग एवं लबेद के पीडीएस दुकानों में नवंबर में शासन के द्वारा गरीब परिवारों को अधिक मात्रा में यानी अतिरिक्त चावल वितरण करने का आदेश प्राप्त हुआ है, परंतु विक्रेताओं के द्वारा गरीबों के राशन को कांटा मारकर वितरण किया गया है। प्रति परिवार के लिए एक किलो शक्कर व दो पैकेट चना वितरण करने का भी प्रावधान है, परंतु विक्रेताओं के द्वारा शक्कर एवं चना का आवंटन प्राप्त नहीं हुआ है, जब हितग्राही चना एवं शक्कर ना देने को लेकर पूछते हैं तब पीडीएस संचालक द्वारा यह कहते गुमराह कर दिया जाता है कि जब शासन भेजेगी तब आप सभी को दिया जाएगा लेकिन एक बात गौर करने वाली यह होती है कि जब शासन द्वारा चना एवं शक्कर और अतिरिक्त चावल पहुंचा ही नहीं तो ऑनलाइन एवं राशन कार्ड में एंट्री क्यों कर दी जाती है जबकि नागरिक आपूर्ति निगम से पीडीएस संचालकों की दुकानों में पूर्ण रूप से चावल, चना, नमक एवं शक्कर का भंडारण किया जाता है, लेकिन श्यांग एवं लबेद पीडीएस संचालक द्वारा वितरण ही नहीं किया गया, इससे पहले भी अप्रैल माह के अतिरिक्त चावल गबन को लेकर प्रमुखता से खबर प्रकाशित की गई थी जिसके बाद पूर्व फूड इंस्पेक्टर द्वारा जांच की गई थी लेकिन जांच के बाद भी श्यांग एवं लबेद के पीडीएस संचालकों पर किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं की गई इसका नतीजा आज देखने को मिला जब हमारे संवाददाता ने श्यांग एवं लबेद के पंचायतों में हितग्राहियों से मुलाकात की तो हितग्राहियों ने कहा कि पीडीएस संचालक विक्रेता द्वारा अतिरिक्त चावल दिया ही नहीं जबकि राशन कार्ड में संचालक द्वारा फर्जी एंट्री कर हितग्राहियों के साथ छलावा किया गया एवं जिला प्रशासन की आंखों में धूल झोंकने के काम की गई,

क्षेत्रीय विधायक एवं कलेक्टर से शिकायत करेंगे-
आक्रोशित हुए ग्रामीणों ने बताया कि दुकान संचालक खाद्यान्न दुकानों में सही तरीके से राशन वितरण नहीं अप्रैल एवं नवंबर माह के अतिरिक्त चावल भी हमें नहीं दिया गया,

महीने में 5 दिन खुलती है दुकाने -हितग्राहियों ने बताया कि सोसाइटी संचालक मनमाने तरीके से संचालन कर रहे है और महीने में सिर्फ 5 दिन दुकान खोल कर वितरण कर रहे है जिससे खाद्य उठाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है सर्वर परेशानी और कम दिन के लिए खोलने की वजह से हम कार्य करने नही जा पाते है और 3 से 4 दिन तक दुकानों में अपनी बारी का इन्तजर करते है और राशन प्राप्त करते है जिससे काम प्रभावित होता है

समूह के बजाय परिवार के सदस्य बांट रहे राशन
शासन के द्वारा महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए महिला समूह को राशन दुकान संचालित करने के लिए राशन दुकान आवंटित किया गया है, परंतु महिला समूह के द्वारा राशन दुकान संचालित ना कर उनके परिवार के सदस्य या किसी अन्य व्यक्ति के द्वारा राशन दुकान संचालित किया जा रहा है। ऐसे महिला समूह जो राशन दुकान संचालित करने के लिए इच्छुक नहीं है उनको निरस्त कर नए महिला समूह को राशन दुकान संचालित करने पर भी जोर देना चाहिए। इस पर भी खाद्य निरीक्षक के द्वारा कोई भी कार्रवाई नहीं की जा रही है।

वर्जन
गलत तरीके से बांटे गए होंगे तो कार्रवाई करेंगे
प्रभारी खाद्य अधिकारी जितेंद्र सिंह ने कहा कि गलत तरीके से चावल वितरण किया गया होगा तो अवश्य कार्रवाई करेंगे।

Jitendra Dadsena

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