कोरबा खबर

बालको के विभिन्न पहल के माध्यम से युवा बन रहे है स्वावलंबी

WhatsApp Image 2024-03-09 at 21.00.10
WhatsApp Image 2024-03-09 at 21.00.10
previous arrow
next arrow
Shadow

कोरबा बालकोनगर, एक विकसित राष्ट्र के निर्माण युवाओं की भूमिका को समझते हुए भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड कंपनी (बालको) ने कौशल विकास पर ध्यान केंद्रित करके युवाओं को मजबूत बनाने की अपनी प्रतिबद्धता को लगातार आगे बढ़ाया है। बालको युवाओं के समग्र विकास को सुनिश्चित करने के लिए सामुदायिक सहभागिता सत्र के साथ शैक्षिक और शिक्षण संसाधन का अवसर प्रदान कर रहा है।

बालको की युवा-केंद्रित पहल वेदांता स्किल स्कूल आर्थिक स्थिति की वजह से स्कूल छोड़ने और बेरोजगार ग्रामीण युवा आबादी के जीवन में बदलाव ला रहा है। अपनी स्थापना के बाद से 11,000 से अधिक युवाओं को रोजगारपरक कौशल से लाभान्वित कर रहा है। यह छह आवश्यक ट्रेडों में निःशुल्क आवासीय प्रशिक्षण और तकनीकी कौशल के साथ-साथ 90 से अधिक प्रशिक्षुओं को संचार, सुरक्षा, कानूनी अधिकार और माहवारी स्वास्थ्य जैसे व्यवहारिक शिक्षा प्रदान करता है।

वेदांता स्किल स्कूल प्रशिक्षु प्रतिभा प्रमुख कपड़ा कंपनी में कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि वेदांता स्किल स्कूल में दाखिला लेना मेरे जीवन के सबसे अहम निर्णयों में से एक है। मुझे आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाने के लिए मैं बालको वेदांता स्किल स्कूल की बहुत आभारी हूं। संस्थान में प्रशिक्षण प्राप्त करने से मुझे अपने परिवार की देखभाल करने में मदद मिल रही है। संस्थान ने मेरे जीवन को बदलने और मुझे आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

प्रोजेक्ट कनेक्ट के अंतर्गत बालको ने सेमा विषयों (विज्ञान, अंग्रेजी, गणित और लेखा) पर बोर्ड परीक्षा की तैयारी के साथ-साथ उपचारात्मक कक्षाएं, व्यक्तिगत ट्यूशन, करियर मार्गदर्शन प्रदान करके 10वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों को सर्वोपरि सहायता प्रदान करके एक अनुकूल सीखने का माहौल बनाने का लगातार प्रयास किया है। बालको के कनेक्ट परियोजना से लगभग 2500 युवा लाभान्वित हुए हैं।

कनेक्ट परियोजना के साथ-साथ साइंस मित्र, ग्रीष्म और शीतकालीन शिविर पहलों में बालको कर्मचारियों के भी सत्र शामिल हैं जो अपना अनुभव साझा करके छात्रों को प्रोत्साहित करने का काम किये हैं। मार्गदर्शन सत्रों के माध्यम से छात्रों में महत्वपूर्ण कौशल विकास और आने वाली चुनौतियों को समझने में मदद मिली है। कर्मचारियों के इन प्रयासों से छात्रों में तार्किक सोच के साथ सीखने और समस्याओं से निपटने का दृष्टिकोण विकसित हुआ है।

12वीं कक्षा में 86 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाली छात्रा शिवानी राठौड़ ने बताया कि प्रोजेक्ट कनेक्ट ने मेरी शैक्षणिक यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नियमित और रेमिडियल अंग्रेजी कक्षाओं से मुझे सही मार्गदर्शन मिला जिससे इन विषय में मेरा आत्मविश्वास काफी बढ़ गया। शिवानी कहती हैं कि नयी किरण परियोजना युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए क्षमता निर्माण कार्यशाला और प्रशिक्षण की पेशकश पर केंद्रित एक पहल है। यह परियोजना युवाओं को माहवारी एवं स्वास्थ्य प्रबंधन (एमएचएम) के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाने वाले एक मजबूत समुदाय का निर्माण करने में सक्षम बनाती है। उन्होंने कहा कि नयी किरण परियोजना ने एमएचएम विषय के जागरूकता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज मैं एमएचएम लीडर हूं और समुदाय में सकारात्मक बदलाव ला रही हूं।

देश के युवा राष्ट्र निर्माण के प्रति अपने उत्तरदायित्व का मशाल लिए भारत को विकसित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। राष्ट्र के भविष्य को आकार देने में युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और कुशल कौशल महत्वपूर्ण हैं। कंपनी के कार्यबल में लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा युवा कर्मचारियों की है जिनके कौशल विकास के लिए विभिन्न कार्यक्रम लागू किया गया है जिससे तेजी से बढ़ते वैश्विक मांगों के साथ तालमेल बिठाया जा सके। ‘भविष्य की धातु’ एल्यूमिनियम के उत्पादन में बालको का युवा कार्यबल में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है जो लगातार बढ़ रही वैश्विक प्रतिस्पर्धा में कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ने के लिए आवश्यक है।


Jitendra Dadsena

100% LikesVS
0% Dislikes

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button