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आमबाड़ी में कांग्रेसी पार्षद प्रदीप राय के बेजा कब्जा पर चला निगम का बुलडोजर, भाजपा नेता बद्री अग्रवाल ने शिकायत कर आमरण अनशन की दी थी चेतावनी।

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नगर निगम के तोडू दस्ता ने आमबाड़ी पोड़ीबहार क्षेत्र में किए गए बेजा कब्जा पर निगाह तिरछी कर ली है, गुरुवार को क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए बेजा कब्जा हटाया गया है, करोड़ों की बेशकीमती जमीन पर वार्ड पार्षद सहित लोगों ने कब्जा कर रखा था, नोटिस के बाद भी कब्जा खाली नहीं किया जा रहा था, जिस पर अंतत: कार्यवाही की गई है।

पोड़ी बहार स्थित आमबाड़ी गार्डन में अवैध रूप से किए गए कब्जा को हटाने निगम द्वारा नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद भी बेजा कब्जा को नहीं हटाया गया जिसे लेकर गुरूवार सुबह 11 बजे निगम के तोडू दस्ता की टीम द्वारा कार्रवाई की गई, बेजा कब्जा की आसपास की जमीन पर भी जल्द कार्यवाही हो सकती है वहीं आमबाड़ी में की गई बेजा कब्जा के मामले में नगर निगम की टीम ने कार्यवाही करते हुए बेजाकब्जा को ढहा दिया है, इस मामले में विगत 29 मार्च को भाजपा युवा मोर्चा प्रदेश कार्य समिति सदस्य बद्री अग्रवाल ने कलेक्टर सहित निगम आयुक्त, पुलिस अधीक्षक, अनुविभागीय अधिकारी एवं सिविल लाइन थाना प्रभारी से शिकायत की थी, शिकायत में वार्ड पार्षद प्रदीप राय द्वारा लगातार शासकीय भूमि पर कब्जा कर उसे बेचकर आर्थिक लाभ प्राप्त किया जा रहा है। जिस स्थान पर बेजा कब्जा किया जा रहा है उस स्थान पर वृक्षों की अवैध कटाई भी की जा रही है, आमबाड़ी में कब्जे के लिए वृक्षों की अवैध कटाई हुई है, जिस पर वन संरक्षण अधिनियम 1927 की धारा 26(1) क,ख,च के तहत अपराध दर्ज होना चाहिए, उन्होंने सात दिवस के भीतर पार्षद पर कार्यवाही नहीं किए जाने पर आमरण अनशन की चेतावनी भी दी थी।

मामले में भाजपा नेता बद्री अग्रवाल का कहना है कि बेजा कब्जा के लिए उक्त स्थल पर वृक्षों की अवैध कटाई की जा रही है, पार्षद प्रदीप राय ने पार्षद बनने के बाद सरकारी जमीन पर कब्जा कर मकान बनाया है,जिस पर वह निवास करता है वह भूमि शासकीय घास मद की भूमि सरकारी रिकार्ड में दर्ज है तो वही दूसरी ओर विगत कई वर्षों से अपनी पत्नी के नाम गरीबी राशन का कार्ड बनाकर गरीबों के राशन में डाका डालने का भी कार्य किया जा रहा है, गरीबी रेखा का राशन कार्ड बनाकर पार्षद अनेक शासकीय योजनाओं का बेजा लाभ ले रहा है जिसके कारण सरकार को आर्थिक नुकसान हो रहा है, प्रदीप राय को सरकार से पार्षद का मानदेय लगभग 15000 रुपये मिलता है, साथ उसके पास दोपहिया, चार पहिया वाहन भी है, छत्तीसगढ़ खाद्य अधिनियम के तहत दो पहिया वाहन रखने वाला व्यक्ति गरीबी रेखा के श्रेणी में नही आता, चूंकि प्रदीप राय खाद्य विभाग का ही एमआईसी सदस्य है जिसके कारण खाद्य विभाग के अधिकारी भी उस पर कार्यवाही करने से बच रहें है |

Jitendra Dadsena

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